फिल्म‘अंबा’केभक्तिमयसंगीत‘अंबारमवाआवे’नेबिखेरीगीरकीअनुपमछटा
गुजरात की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और गीर के जंगलों में इंसानों तथा शेरों (सावज) के बीच के अटूट रिश्ते को उजागर करने वाली बहुप्रतीक्षित गुजराती फिल्म ‘अंबा’ की संगीतमय यात्रा का आधिकारिक आगाज हो गया है। नीमट्री एंटरटेनमेंट और विजयगिरी फिल्म ओएस द्वारा श्री परिमल नाथवाणी के आशीर्वाद और निर्माता भूमि नाथवाणी के नेतृत्व में तैयार किया गया इस फिल्म का पहला भक्तिमय गरबा गीत ‘अंबा रमवा आवे’ सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लॉन्च हो चुका है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक विजयगिरी बावा के निर्देशन में बनी यह फिल्म आने वाले दिसंबर 2026 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है। (आधिकारिक यूट्यूब लिंक: https://youtu.be/_-pmr1mPRbk)
यह फिल्म गीर के वन्य जीवन और वहां की स्थानीय संस्कृति के अद्भुत सह-अस्तित्व पर प्रकाश डालती है। निर्देशक विजयगिरी बावा और राम मोरी द्वारा लिखी गई यह कहानी एक दहाड़ और पायल के बीच पनपने वाली अनूठी दोस्ती और भावनाओं को बड़े पर्दे पर जीवंत करेगी। फिल्म में ‘लालो नी तुलसी’ से अपनी खास पहचान बनाने वाली अभिनेत्री रीवा राच्छ मुख्य शीर्षक भूमिका यानी ‘अंबा’ के पावन किरदार में नजर आएंगी। उनके साथ दर्शन पांड्या, जगजीतसिंह वाढेर, एलेसेंड्रा व्हीलन, गौरांग आनंद और रिद्धि डांगर जैसे प्रतिभाशाली कलाकार अपनी अभिनय कला का प्रदर्शन करेंगे।

लॉन्च हुए नए गीत के दृश्यों में गुजराती सिनेमा के कई बड़े चेहरे एक साथ नजर आ रहे हैं। इस खास गरबा गीत में रीवा राच्छ के साथ लोकप्रिय अभिनेत्रियां मोनल गज्जर, नेत्री त्रिवेदी और श्रद्धा डांगर पारंपरिक परिधानों में गरबा के ताल पर झूमती हुई दिखाई दे रही हैं। इसके अलावा, दिग्गज और अनुभवी कलाकार फिरोज ईरानी और स्वाति दवे भी इस गीत के दृश्यों में एक महत्वपूर्ण और प्रभावकारी भूमिका में नजर आ रहे हैं। वहीं, गरबा के दृश्यों में पारंपरिक पगड़ी पहने शेर की मौजूदगी इस गीत के विजुअल्स को बेहद अनूठा और आकर्षक बनाती है।
म्यूजिकल जोड़ी केदार और भार्गव द्वारा कंपोज किए गए इस गीत में मिलिंद गढ़वी के शब्द और गायिका व्रत्तिनी पुरोहित के सुरीले स्वर का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। इस गीत को भव्य रूप देने के लिए संजय लीला भंसाली की फिल्मों में अपनी छाप छोड़ चुके प्रख्यात कोरियोग्राफर समीर तन्ना और अर्श तन्ना ने इसके पारंपरिक गरबा स्टेप्स को बेहद खूबसूरती से डिजाइन किया है। निर्माता और निर्देशक के अनुसार, ‘अंबा रमवा आवे’ केवल एक उत्सव का गीत नहीं है, बल्कि यह मां अंबा के प्रति जन-जन की अटूट आस्था और गीर की मिट्टी के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

