कलर्स का ‘खतरों के खिलाड़ी’ फिनाले की ओर बढ़ रहा है! कौन बनेगा पहला फाइनलिस्ट और किसका सफर यहीं थमेगा?
कलर्स के ‘खतरों के खिलाड़ी’ में फिनाले की रेस आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है और इस वीकेंड दांव पहले से कहीं ज़्यादा ऊँचे हैं! प्रतियोगिता अपने अहम पड़ाव में प्रवेश कर चुकी है और आठ निडर कंटेस्टेंट्स ओरहान अवात्रमणि उर्फ़ ऑरी, ऋत्विक धनजानी, फरहाना भट्ट, हर्ष गुर्जराल, अविनाश मिश्रा, रुहानिका धवन, करण वाही और रुबीना दिलैक सीज़न का पहला फिनाले टिकट हासिल करने के लिए भिड़ेंगे। जहाँ एक खिलाड़ी बाकी सब पर भारी पड़कर सीज़न का पहला फाइनलिस्ट बनेगा, वहीं दूसरे की ट्रॉफी तक की यात्रा यहीं समाप्त हो जाएगी। कंटेस्टेंट्स को उनकी सीमाओं से आगे धकेलने के लिए मशहूर एक्शन किंग और होस्ट रोहित शेट्टी ने इस वीकेंड को हाई‑ऑक्टेन एक्शन और नर्व‑रैकिंग चुनौतियों से भरपूर बनाने का वादा किया है। कार ब्लास्ट्स का सामना करने से लेकर रेंगते हुए सरीसृपों से भिड़ने तक, चलते ट्रकों पर स्पीड टेस्ट करने से लेकर पानी की गहराइयों में जूझने तक आने वाले स्टंट्स खिलाड़ियों की हिम्मत, संतुलन और सहनशक्ति की अंतिम परीक्षा लेंगे। फिनाले अब बेहद करीब है, ऐसे में हिचकिचाहट, दोबारा सोचने या अधूरे काम की कोई जगह नहीं है। हर स्टंट प्रतियोगिता की दिशा बदल सकता है और हर गलती खिलाड़ी की जगह छीन सकती है। जैसे‑जैसे दोस्ती की जगह कड़ी टक्कर ले रही है और परफॉर्म करने का दबाव चरम पर पहुँच रहा है, सवाल यही है कौन डर पर जीत हासिल कर पहला फिनाले स्पॉट पाएगा और कौन बाहर होने को मजबूर होगा?

फिनाले की हाई‑प्रेशर रेस के बारे में बात करते हुए, फरहाना भट्ट ने कहा, “मेरे लिए यह सफर इस बात को जानने का रहा है कि मेरा दिमाग मेरे शरीर को कितनी दूर तक धकेल सकता है। मैं सीधे ‘खतरों के खिलाड़ी’ में आई थी, बिना यह जाने कि मैं स्पीड, शारीरिक थकान और चोट लगने के लगातार डर के लिए तैयार हूँ या नहीं। ऐसे पल भी आए जब चिंता हावी हो जाती थी, खासकर जब मैं ऊँचाई पर खड़ी होती या पानी की गहराई को देखती जो मुझे डराती थी। लेकिन मैंने सीखा कि डर से समझौता करना बंद करना होगा और अपना बेस्ट देना ही मेरे लिए सबसे बड़ा संकल्प था। मुझे सौभाग्य से अपने फैंस का भरपूर सपोर्ट मिला, जो पूरे सफर में मेरी हेल्थ और खाने‑पीने की चिंता करते रहे। उनके लिए और रोहित शेट्टी सर के प्रोत्साहन से मैं तैयार हूँ कि बिना पूरी तरह तैयार महसूस किए भी छलांग लगाऊँ और मिले हुए प्यार का बदला दूँ। अब जब फिनाले की रेस और कठिन हो रही है, मैं चाहती हूँ कि मेरा परफॉर्मेंस ही मेरी कहानी कहे।”
अविनाश मिश्रा ने कहा, “इस डर से लड़ने वाले रोलरकोस्टर सफर की सबसे अच्छी बात यह रही कि इसने मुझे सिर्फ़ एक अच्छे‑दिखने वाले टीवी एक्टर की धारणा से बाहर निकलने में मदद की। मैं खुद को ऐसी परिस्थितियों में डालना चाहता था जहाँ लुक्स, इमेज या पॉपुलैरिटी का कोई काम न हो और केवल परफॉर्मेंस मायने रखे। स्विफ्ट शील्ड जैकेट जीतना मेरे लिए एक बड़ा हाई था क्योंकि इससे मुझे टैक्टिकल एडवांटेज मिला। बेशक, इस सफर ने मुझे भावनात्मक रूप से भी परखा। मैं हमेशा बेबाक रहा हूँ और कई बार मेरी भावनाएँ मुझ पर हावी हो गईं। इस सीज़न ने पॉपुलैरिटी के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, तो स्वाभाविक है कि फिनाले तक पहुँचना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। जैसे‑जैसे प्रतियोगिता फिनाले की ओर बढ़ रही है, मुझे पता है कि अब छिपने की कोई जगह नहीं बची है और यही वह दबाव है जिसका सामना करने मैं यहाँ आया हूँ।”
मारुति सुज़ुकी प्रस्तुत करता है ‘खतरों के खिलाड़ी’, सह‑प्रायोजक हीरो एक्सट्रीम, थम्स अप और जे.के. सुपर सीमेंट, विशेष साझेदार – लक्स कोज़ी, पार्ले मोनाको और गूगल खोज, आउटडोर गियर साझेदार – वुडलैंड, भूख साझेदार – स्निकर्स और सुगंध साझेदार – एन्वी। यह कार्यक्रम हर शनिवार और रविवार रात 9:00 बजे केवल कलर्स और जियोहॉटस्टार पर प्रसारित होता है।

