एफआरएनडी ने महिलाओं के लिए सुरक्षित डिजिटल बातचीत को बढ़ावा देने के लिए लॉन्च किया‘ सुरक्षित कन्वर्सेशंस’
~ इस अतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर, एफआरएनडी ने भारत में सुरक्षित डिजिटल बातचीत के लिए वुमन-फस्ट डिजाइन और सेफ्टी-बाय-डिजाइन फीचर्स पर जोर दिया
पुणे, 6 मार्च 2026: भारत के टियर 2-4 शहरों से अगली पीढ़ी के इंटरनेट यूजर्स ऑनलाइन आ रहे हैं, और सुरक्षा डिजिटल ट्रस्ट का सबसे महत्वपूर्ण कारक बन रही है, खासकर महिलाओं के लिए जो सार्थक कनेक्शन्स की तलाश में हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर, एफआरएनडी—भारत का अवतार-आधारित ऑडियो सोशल डिस्कवरी प्लेटफॉर्म और इंटरैक्ट ग्रुप के प्रमुख प्रोडक्ट – ने ‘सुरक्षित कंवर्सेशंस’ अभियान लॉन्च किया है, जो प्लेटफॉर्म के महिला-केंद्रित सेफ्टी डिजाइन पर जोर देता है।
इस अभियान के माध्यम से फ्रेंड का लक्ष्य डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं के लिए सम्मानजनक, सुरक्षित इंटरैक्शन्स की संस्कृति बनाना है। इस पहल के तहत कंपनी नियमित इन-ऐप सेशन्स आयोजित करेगी, जिनमें महिलाओं को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार, रेड फ्लैग्स की पहचान और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा फीचर्स का अधिकतम उपयोग सिखाया जाएगा। इसके अलावा, एफआरएनडी एक 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन लॉन्च करेगा, जो यूजर्स को जरूरत पड़ने पर रीयल-टाइम सपोर्ट और मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
भारत सरकार के सुरक्षित और समावेशी डिजिटल इकोसिस्टम बनाने के विजन के अनुरूप, यह अभियान टियर 2-4 बाजारों में महिलाओं को ज्ञान और सुलभ सपोर्ट सिस्टम से लैस करने का प्रयास करता है, ताकि हर इंटरैक्शन में ट्रस्ट बना रहे।
भारत के यूजर्स के लिए बनाये गये एफआरएनडी ने सुरक्षा को अपने प्रोडक्ट आर्किटेक्चर का मूल बनाया है। प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में रोजाना लगभग एक मिलियन बातचीत होती हैं, जिन्हें 100 सदस्यों की मॉडरेशन टीम और रीयल-टाइम एआय सिस्टम्स द्वारा सपोर्ट किया जाता है, जो वीडियो, ऑडियो और चैट इंटरैक्शन्स की निगरानी करते हैं।
पब्लिक रूम्स में लाइव मॉडरेशन से लेकर प्राइवेट बातचीत में एआय -सहायता प्राप्त जांच तक, प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्थाएं इस तरह डिज़ाइन की गई हैं कि दुरुपयोग बढ़ने से पहले ही उसे रोका जा सके। महिला यूजर्स को एक समर्पित सेफ्टी सेंटर उपलब्ध है, जहां से वे किसी भी यूजर को तुरंत चेतावनी दे सकती हैं, हटा सकती हैं या ब्लॉक कर सकती हैं, जिससे हर इंटरैक्शन पर उन्हें पूरा नियंत्रण मिलता है।
यूजर की प्राइवेसी को और मजबूत बनाने के लिए, वीडियो कॉल्स के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डिंग और चैट्स के स्क्रीनशॉट लेना प्लेटफॉर्म पर सख्ती से प्रतिबंधित है। प्लेटफॉर्म एआय का उपयोग करके आपत्तिजनक कंटेंट का पता लगाता है, चैट्स की रीयल-टाइम एनालिसिस करता है और दोहराव वाले अपराधियों की पहचान करता है—भले ही वे नए डिवाइस या नई पहचान के साथ वापस आने की कोशिश करें। प्लेटफॉर्म का डिज़ाइन आर्किटेक्चर यह सुनिश्चित करता है कि वीडियो इंटरैक्शन्स के दौरान स्क्रीन का 80% हिस्सा यूजर के चेहरे का ही दिखे, अन्यथा स्क्रीन धुंधली हो जाती है।
इंटरैक्ट ग्रुप के सह-संस्थापक और सीईओ भानु प्रताप सिंह तंवर ने कहा, “जैसे-जैसे सोशल नेटवर्क्स भारत के सुदूर कोनों तक पहुंच रहे हैं, सुरक्षा अब कोई फीचर नहीं रह गई, बल्कि ट्रस्ट की नींव बन गई है। टियर 2-4 शहरों की कई महिलाओं के लिए उनकी पहली डिजिटल इंटरैक्शन यह तय करती है कि इंटरनेट उनके लिए कितना सुरक्षित महसूस होता है। एफआरएनडी पर हमने महिला-केंद्रित सुरक्षा आर्किटेक्चर बनाया है, जिसमें एआय, मॉडरेशन और प्रोडक्ट डिज़ाइन का संयोजन है, ताकि बातचीत सम्मानजनक, उद्देश्यपूर्ण और सशक्त बनी रहे। ‘सुरक्षित कंवर्सेशंस’ हमारा तरीका है इस प्रतिबद्धता को सामने लाने का और हमारी व्यवस्थाओं में एक और सुरक्षा परत जोड़ने का। नियमित इन-ऐप सेफ्टी सेशन्स से लेकर 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन तक, यह अभियान उन्हें वह जानकारी और रीयल-टाइम सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जिसकी उन्हें जरूरत है।”
‘सुरक्षित कंवर्सेशंस’ अभियान के माध्यम से एफआरएनडी अपनी सुरक्षा फीचर्स और कम्युनिटी इनिशिएटिव्स को दिखाएगा, जो प्लेटफॉर्म पर सम्मानजनक डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देते हैं। जैसे-जैसे भारत के डिजिटल कम्युनिटीज बढ़ रही हैं, सोशल प्लेटफॉर्म्स का भविष्य इस बात से तय नहीं होगा कि कितनी बातचीत होती हैं, बल्कि उन बातचीतों में कितनी सुरक्षा महसूस होती है, उससे तय होगा।
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