लगातार अनुबंध उल्लंघन का आरोप, भूमि हस्तांतरणमें विफलता को लेकर RSIIL ने NHAI को‘ नोटिस ऑफ इंटेंट टू टर्मिनेट’जारी किया

लगातार अनुबंध उल्लंघन का आरोप, भूमि हस्तांतरणमें विफलता को लेकर RSIIL ने NHAI को‘ नोटिस ऑफ इंटेंट टू टर्मिनेट’जारी किया

नई दिल्ली / पुणे, 29 दिसंबर 2025: दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना के अंतर्गत वडोदरा–मुंबई एक्सप्रेसवे के महत्वपूर्ण 35.4 किलोमीटर खंड का निर्माण कर रही कंपनी, रोडवे सॉल्यूशंस इंडिया इंफ्रा लिमिटेड (RSIIL),  ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा समय पर भूमि उपलब्ध न कराए जाने के कारण परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही लगातार बाधाओं को उजागर किया है।

कंपनी का कहना है कि अनुबंध के तहत निर्धारित शर्तों के अनुरूप भूमि उपलब्ध न होने के कारण परियोजना को बार-बार विस्तार दिया गया, जो कि एक गंभीर एवं मूलभूत अनुबंध उल्लंघन है। अनुबंध की शर्तों का लगातार अनुपालन न होने की स्थिति में RSIIL ने 18 दिसंबर 2025 को ‘नोटिस ऑफ इंटेंट टू टर्मिनेट’ जारी करते हुए NHAI से तत्काल अपने अनुबंधीय दायित्वों को पूरा करने का आग्रह किया है।

कंसेशन एग्रीमेंट की धारा 3.1, जिसे धारा 8.2(iii) एवं 8.2(v) के साथ पढ़ा जाए, के अनुसार NHAI पर यह अनिवार्य दायित्व है कि वह परियोजना के आरंभ एवं क्रियान्वयन से पूर्व कम से कम 90 प्रतिशत बाधा-मुक्त भूमि, जिसमें न्यूनतम 5 किलोमीटर का सतत (contiguous) खंड शामिल हो, उपलब्ध कराए।

गौरतलब है कि दिसंबर 2025 के प्रारंभ में दोनों पक्षों द्वारा किए गए नवीनतम संयुक्त भूमि सत्यापन के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुल 35.4 किलोमीटर में से 6.65 किलोमीटर भूमि अब भी उपलब्ध नहीं है। परिणामस्वरूप कुल भूमि उपलब्धता केवल 81.2 प्रतिशत पाई गई, जो कि अनुबंध में निर्धारित सीमा से काफी कम है।

ज़मीन उपलब्ध नहीं होने तथा किसी भी सुधारात्मक उपाय नहीं किए जाने के मद्देनजर आरएसआईआईएल ने दिनांक 18 दिसंबर 2025 को नोटिस ऑफ इंटेंट टू टर्मिनेट जारी किया है, जिसके माध्यम से एनएचएआई से अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार भूमि उपलब्धता से संबंधित अपने संविदात्मक दायित्वों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

इस विषय पर टिप्पणी करते हुए RSIIL के निदेशक श्री नवजीत गढोके ने कहा, “दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे राष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचा गलियारा भारत के आर्थिक एकीकरण और दीर्घकालिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। अनुबंध प्रदान करने वाली एजेंसी द्वारा भूमि हस्तांतरण से जुड़ी अनुबंधीय शर्तों को पूरा न करना, परियोजना की समय-सीमा, लागत एवं क्रियान्वयन क्षमता पर प्रत्यक्ष और व्यापक प्रभाव डालता है। RSIIL अनुबंधीय प्रावधानों के साथ-साथ देश की महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के राष्ट्रीय उद्देश्य के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।”

NHAI ने वर्ष 2019 में RSIIL को गुजरात राज्य में वडोदरा–मुंबई एक्सप्रेसवे के अंतर्गत किमी 154+600 से किमी 190 (जुजुवा–गांदेवा खंड) तक आठ-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे (पैकेज-8) के निर्माण का कार्य हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत, भारतमाला परियोजना के अंतर्गत प्रदान किया था।

MumbaiPatrika@1

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