भारतीय टेलीविजन की चहेती बहू बनी ‘देश की बेटी’, कलर्स का ‘मंगल लक्ष्मी’ पहुँचा 700 एपिसोड्स के सफर तक

भारतीय टेलीविजन की चहेती बहू बनी ‘देश की बेटी’, कलर्स का ‘मंगल लक्ष्मी’ पहुँचा 700 एपिसोड्स के सफर तक

भारतीय टेलीविज़न ने हमेशा उन महिलाओं का जश्न मनाया है जो परिवार को एक साथ जोड़े रखती हैं। अब वक्त है एक बड़े बदलाव का स्वागत करने का। कलर्स का लोकप्रिय शो ‘मंगल लक्ष्मी’ गर्व के साथ अपने 700 एपिसोड पूरे कर चुका है और इस पारिवारिक ड्रामा ने इस खास मौके पर सबसे साहसी रूपांतरण पेश किया है। देश की प्यारी गृहिणी से उद्यमी बनी मंगल, जिसे दीपिका सिंह ने निभाया है, अब घर की सीमाओं से आगे बढ़कर एक और बड़ी ज़िम्मेदारी उठाने जा रही है—देश की बेटी के रूप में उभरते हुए, भारतीय महिला के बदलते चेहरे को टेलीविज़न पर दर्शाते हुए। सालों से दर्शकों ने देखा है कि मंगल ने ज़िंदगी के हर किरदार को पूरी तरह निभाया है समर्पित पत्नी, मज़बूत बहू, स्नेही माँ, ज़िम्मेदार बहन और आत्मनिर्भर उद्यमी। अब कहानी एक नए और निर्णायक अध्याय में प्रवेश कर रही है, जहाँ उसकी यात्रा परिवार की डोर से आगे बढ़कर देश की सेवा तक पहुँचती है।

मौजूदा कहानी में मंगल की ज़िंदगी नया मोड़ लेती है, जब आदित उसके सालों की मेहनत से खड़ी की गई कंपनी पहला स्वाद पर कब्ज़ा कर लेता है। मजबूर होकर मंगल एक नई शुरुआत करती है और अपना वेडिंग-प्लानिंग वेंचर शुरू करती है। किस्मत तब करवट लेती है जब वह बहादुरी दिखाते हुए एक अपराधी को पकड़वाने में मदद करती है और उसे पुलिस के हवाले कर देती है। उसकी निडरता और ईमानदारी इंस्पेक्टर जयराज का ध्यान खींचती है, जो उसे एक गुप्त मिशन सौंपते हैं और यही मिशन उसकी ज़िंदगी की दिशा बदल देता है। सालों तक अपने परिवार को संभालने वाली मंगल को अब एक और बड़ी ज़िम्मेदारी मिलती है देश की रक्षा करने की, जो सबसे बड़ा परिवार है। इस मिशन को अपना कर्तव्य मानकर मंगल कठोर सेल्फ-डिफेंस और मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग लेती है। इसके साथ ही शो में एक नया दौर शुरू होता है—जज़्बातों से भरा और एक्शन से लबरेज़।

इस नए दौर के बारे में बात करते हुए दीपिका सिंह ने साझा किया, जो मुझे सबसे ज़्यादा विनम्र बनाता है, वह यह है कि दर्शक मंगल लक्ष्मी के साथ जुड़े रहे हैं और उसकी यात्रा को देखा है गृहिणी से उद्यमी बनने तक और अब देश की बेटी बनने तक। 700वां एपिसोड पूरा करना अपने आप में एक खास उपलब्धि है, जो यह बताता है कि इस शो ने कितने भारतीय घरों की ज़िंदगी में फर्क डाला है। देश की सेवा का यह नया अध्याय, वही सब कुछ है जिसका मंगल हमेशा प्रतीक रही है। सालों तक हमने महिलाओं को परिवार को जोड़ने वाली ताक़त के रूप में दिखाया है। अब हम यह भी कह रहे हैं कि वही महिला अपने घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अन्याय के खिलाफ खड़े होने का हक और हिम्मत रखती है।

दीपिका सिंह आगे कहती हैं, यह नया ट्रैक हमें उन सामाजिक बुराइयों पर रोशनी डालने का मौका देता है, जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, और उन रोज़मर्रा की बहादुरियों पर भी, जिनसे उनका सामना किया जाता है। जब मंगल सेल्फडिफेंस और मार्शल आर्ट्स सीखती है, तो यह एक बड़ी सच्चाई को सामने लाता है कि सशक्तिकरण कोई विलासिता नहीं, बल्कि ज़रूरत है। एक महिला और एक कलाकार होने के नाते, मेरा मानना है कि टेलीविज़न की ज़िम्मेदारी है कि वह महिलाओं को दिखाने का तरीका बदलेसिर्फ पोषण करने वाली नहीं, बल्कि फैसले लेने वाली, सुरक्षा देने वाली और बदलाव की वाहक के रूप में। यह ताक़त को सामान्य बनाने और महिलाओं को यह बताने की बात है कि उनकी सुरक्षा, उनका अधिकार और उनकी आवाज़ मायने रखती है। अगर मंगल की यात्रा महिलाओं को और जागरूक, और निडर या और दिखाई देने का एहसास दिलाती है, तो यह मोड़ अपने मक़सद को पूरा कर चुका है। और मंगल लक्ष्मी की पूरी टीम के लिए, यह तो बस एक और भी मायने रखने वाली बातचीत की शुरुआत है।

देखिए ‘मंगल लक्ष्मी’ हर सोमवार से शुक्रवार रात 8:30 बजे, सिर्फ कलर्स पर

MumbaiPatrika@1

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